January 15, 2026

आँगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ छत्तीसगढ़ की लंबित मांगो को पूर्ण करने एवं समस्याओं के निराकरण करने के लिए ज्ञापन दिया

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मनेंद्रगढ़। एमसीबी ।आँगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ छत्तीसगढ़ प्रदेश,अखिल भारतीय आंगनबाड़ी कर्मचारी महासंघ नई दिल्ली (संबद्ध भारतीय मजदूर संघ) के द्वारा प्रधानमंत्री, केंदीय वित्त मंत्री,मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन, रायपुर को जिलाध्यक्ष, जिला एम.सी.बी. के माध्यम से आँगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ छत्तीसगढ़ की लंबित मांगो को पूर्ण करने एवं समस्याओं के निराकरण करने के लिए एक ज्ञापन दिया गया

विदित हो कि आँगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ छत्तीसगढ़ प्रदेश द्वारा पिछले कई वर्षों से लंबित मांगो को लेकर ज्ञापन पत्रों, धरना, रैली व अन्य कार्यक्रमों के माध्यम से लगातार आपके अवगत कराया जा रहा है किन्तु केन्द्र व राज्य सरकार ने हमारी मांगो व समस्याओं पर सार्थक विचार नहीं किया जिससे आँगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को गंभीर आर्थिक मानसिक समस्याओं से जूझना पड़ रहा है।

इन मांगों पर जल्द से जल्द विचार करें । जिसमें

1) आँगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका को शासकीय कर्मचारी घोषित किया जाए।

2) शासकीय कर्मचारी नहीं होने तक श्रम कानून के तहत कार्यकर्ता को न्यूनतम पारिश्रमिक के अनुसार कम से कम 21 हजार रूपये व सहायिका को 18 हजार रूपये प्रतिमाह देयभुगतान किया जाए।

3) सुपरवाइजर के पद पर योग्यता के अनुसार शत प्रतिशत कार्यकर्ता व सहायिका किया पदोन्नत किया जाए।

4) महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ के कार्य हेतु उचित मानदेय दिया जाये ।

5) प्रधानमंत्री मातृवंदना योदना व सुपोषण चौपाल की राशि शीघ्र प्रदाय की जाए।

6) सामाजिक सुरक्षा के रूप में भविष्य निधि, ग्रेज्युएटि व चिकित्सा खर्चा आदि लागू किया जाए और सेवानिवृत्ति होने पर 10 लाख रूपया कार्यकर्ता सहायिका को दिया जाए।

संचालक महिला एवं बाल विकास संचालनालय, नवा रायपुर (छ.ग.) से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ छत्तीसगढ़ द्वारा पोषण केन्द्र के एफ. आर.एस. फेस वेरिफिकेशन में होने वाली ढेरों समस्याओं पर ध्यान आकर्षित करने के संबंध मे ज्ञापन दिया गया जिसमें

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ छत्तीसगढ़ की ओर से हम आपका ध्यान पोषण ट्रेंकर के एफ.आर.एस. फेज वेरिफिकेशन ई. के. वाय.सी. पर आपका ध्यान आकर्षित करना चाहते है। पोषण ट्रेकर में टी. एच. आर. में फेस कैप्चर एवं ई.के. वाय.सी. करते समय न तो फेस कैप्चर हो पाता है न ही ई.के. वाय.सी. हो पाती है। टी.एच.आ. लेने आये हितग्राही अपने घर का काम छोड़ कर आंगनबाड़ी केन्द्र में बैठने के लिये तैयार नहीं होते है। हितग्राही का ई. के.वाय.सी. करने हेतु ओटीपी लेनी होती है जो मोबाइल महिलाओं के पास न होने पर ओटीपी नहीं दे पाती है। गर्भवती एवं शिशुवती महिलाएं टी. एच. आर. लेने नहीं आ पाती है। फेस कैप्चर के चलते पूरे माह हम मोबाइल को लेकर ऑन लाइन काम करते रहते है जिसके कारण 3-5 वर्ष के बच्चों को अनौपचारिक शिक्षा में बाधा हो रही है। ऑगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ छत्तीसगढ़ पोषण ट्रैकर के टी.एच.आर. में फेस कैप्बर व ई.के. वाय.एस. का पूरी तरह बहिष्कार करती है।

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