महिला एवं बाल विकास विभाग में पर्यवेक्षकों के वेतनमान में विसंगति दूर कर,न्याय दिलाये
1 min readछत्तीसगढ राज्य में महिला एवं बाल विकास विभाग में पर्यवेक्षकों (तृतीय वर्ग कार्यपालिक) के वेतनमान में विसंगति दूर कर महिला कर्मचारियों को न्याय दिलाने के संबंध मे पर्यवेक्षक संघ महिला बाल विकास विभाग के द्वारा जिला कार्यक्रम अधिकारी, एमसीबी से मांग की है।
मनेंद्रगढ़ । एमसीबी।महिला एवं बाल विकास विभाग के पर्यवेक्षक कल्याण संघ की ओर से हम आपका ध्यान इस ओर आकृष्ट करना चाहेंगे कि छत्तीसगढ़ राज्य में महिला एवं बाल विकास विभाग में कार्यरत पर्यवेक्षकों को कार्यानुसार गरिमामयी वेतन ना दिया जाना अन्यायपूर्ण हैं। केन्द्र शासन की महिला एवं बाल विकास विभाग की महत्वपूर्ण योजनाओं जैसे महतारी वंदन, पोषण ट्रैकर, पोषण अभियान, वजन त्योहार, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना में पात्र हितग्राहियों को लाभन्वित कराना, प्रधानमंत्री श्रम योगी योजना में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व आंगनबाड़ी सहायिकाओं के साथ-साथ अन्य महिलाओं को पंजीयन हेतु प्रेरित करना आदि।
वर्तमान सरकार द्वारा महिलाओं के सम्मान एवं सशक्तिकरण का संकल्प लिया गया है। इस संकल्प के संदर्भ में हम आशान्वित है कि 30 वर्षों से चली आ रही हमारी वेतन विसंगति दूर होगी जिससे हमें सम्मानजनक पदसोपान तथा सामाजिक व आर्थिक न्याय मिल सकेगा।
किन्तु वर्तमान सरकार द्वारा भी हमारी वेतन विसंगति दूर करने के संबंध में कोई निर्णय नहीं लिए जाने के कारण हम सभी पर्यवेक्षक बहुत ही आहत व निराश हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग के पर्यवेक्षक कल्याण संघ द्वारा निर्णय लिया गया है वेतनमान में 9300-34800 ग्र.पे. 4200/- (लेवल 8 में 35400/-) किए जाने तक हम सभी विरोध स्वरूप दिनांक 17.03.2025 से समस्त ऑन लाइन एंट्री बंद करने को बाध्य होंगे।
